परिचय: रेलवे में Own Request Transfer क्या है?
रेलवे की नौकरी में जब कोई कर्मचारी अपने मूल जोन या डिवीजन से अपने गृह राज्य अथवा मनपसंद जोन में जाना चाहता है, तो उसे Inter Railway Own Request Transfer (IROT) या Inter Divisional Own Request Transfer (IDOT) का सहारा लेना पड़ता है। हमारे वर्कशॉप और ओपन लाइन में तैनात नए साथियों (Helpers/Technicians) के लिए अपने घर के पास पोस्टिंग पाना सबसे बड़ा सपना होता है।
एक सीनियर टेक्नीशियन और विभागीय परीक्षा (LDCE/GDCE) इंस्ट्रक्टर के रूप में मैंने सैकड़ों कर्मचारियों को सही नियम न जानने के कारण सालों-साल भटकते देखा है। रेलवे बोर्ड के Indian Railway Establishment Code (IREC) और Indian Railway Establishment Manual (IREM Vol-1) में ऑन रिक्वेस्ट ट्रांसफर के लिए बिल्कुल स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश तय किए गए हैं।
अगर आप भी पूर्व मध्य रेलवे (ECR), उत्तर रेलवे (NR), पश्चिम रेलवे (WR) या किसी अन्य जोनल रेलवे से अपने मनचाहे जोन में ट्रांसफर की अर्जी लगाना चाहते हैं, तो आपको सही फॉर्मेट और लेटेस्ट HRMS (Human Resource Management System) पोर्टल के ऑनलाइन नियमों की पूरी जानकारी होनी चाहिए। गलत तरीके से या अपूर्ण दस्तावेजों के साथ लगाया गया आवेदन वर्षों तक कार्मिक शाखा (Personnel Branch) की फाइलों में धूल फांकता रह जाता है।

एक नज़र में तकनीकी जानकारी: Quick Specs & Exam Facts
विभागीय परीक्षाओं (AEN, ADME, APO, JE, Sr. Technician LDCE) में ट्रांसफर नियमों से जुड़े वस्तुनिष्ठ और वर्णनात्मक प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं। नीचे दी गई तालिका में मुख्य रेलवे नियमों, आरबीई परिपत्रों और परीक्षा में उनके वेटेज को संक्षेप में संकलित किया गया है:
| पैरामीटर / नियम (Railway Rule) | आधिकारिक संदर्भ / प्रावधान (Official Reference) | तकनीकी व व्यावहारिक प्रभाव (Practical Impact) | LDCE/GDCE मार्क्स वेटेज |
| स्थानांतरण अधिकार (Power to Transfer) | IREC Vol-1, Rule 226 | सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) किसी भी अराजपत्रित कर्मचारी का प्रशासनिक या व्यक्तिगत आधार पर ट्रांसफर कर सकता है। | 2 – 5 अंक |
| अनुरोध पर वरिष्ठता (Seniority on Transfer) | IREM Vol-1, Para 312 | कर्मचारी को नए जोन/डिवीजन के Direct Recruitment (DR) कोटा के संबंधित पद पर सबसे निचली वरिष्ठता (Bottom Seniority) दी जाती है। | 5 – 10 अंक (अनिवार्य प्रश्न) |
| न्यूनतम अनिवार्य सेवा (Lock-in Period) | RBE No. 85/2020 & Master Circular 24 | सामान्य श्रेणी के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 5 वर्ष की नियमित सेवा (प्रशिक्षण सहित) पूरी होना अनिवार्य है। | 2 – 3 अंक |
| स्पेशल ग्राउंड छूट (Spouse / PwBD) | RBE No. 23/2010 & DOPT Guidelines | पति-पत्नी ग्राउंड और दिव्यांग कर्मचारियों के लिए 5 साल की न्यूनतम सेवा सीमा में विशेष छूट और प्राथमिकता प्रदान की जाती है। | 3 – 5 अंक |
| 20 वर्ष से अधिक सेवा वाले कर्मचारी | RBE No. 61/2026 | 20 वर्ष से अधिक नियमित सेवा वाले कर्मचारियों को बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के प्राथमिकता के आधार पर ऑटो-ट्रांसफर सुविधा। | 5 अंक (करेंट अफेयर्स/नियम) |
| स्थानांतरण माध्यम (Transfer Mode) | HRMS Transfer Module (100% Online) | मैन्युअल अर्जी के स्थान पर एचआरएमएस पोर्टल द्वारा यूनीक प्रायोरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर का आवंटन। | प्रैक्टिकल वाइवा |
रेलवे सुरक्षा में इसकी असली अहमियत क्या है?
रेलवे की कार्यप्रणाली में एक कर्मचारी की मानसिक एकाग्रता सीधे तौर पर रेल संरक्षा (Train Safety) और शून्य दुर्घटना (Zero Derailment) से जुड़ी होती है। जब कोई ट्रैकमैन, सीएंडडब्ल्यू टेक्नीशियन या लोको पायलट अपने घर-परिवार से हजारों किलोमीटर दूर गंभीर पारिवारिक चिंताओं में घिरा रहता है, तो उसका सीधा असर मेंटेनेंस की गुणवत्ता पर पड़ता है।
ड्यूटी के दौरान जरा सी मानवीय चूक (Human Error) जैसे एक्सल बॉक्स का ओवरहीट होना, ब्रेक बाइंडिंग की अनदेखी, या ट्रैक पैरामीटर्स (Gauge/Cross Level) में 1 mm से 2 mm का विचलन भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। समय पर पारदर्शी और न्यायसंगत ट्रांसफर मिलने से कर्मचारियों का मनोबल ऊंचा रहता है, जिससे संरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित होता है।
रेलवे बोर्ड के मास्टर सर्कुलर सं. 24 का मुख्य उद्देश्य यही है कि कर्मचारियों के व्यक्तिगत अनुरोधों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण किया जाए। जब ट्रैक और रोलिंग स्टॉक का मेंटेनेंस तनावमुक्त दिमाग से होता है, तो हॉट एक्सल, व्हील फ्लैट, और कपलिंग टूटने जैसी गंभीर तकनीकी खराबियों को समय रहते डिपो स्तर पर ही पकड़ लिया जाता है।
Railway Board के नियम और काम करने का सिद्धांत
रेलवे बोर्ड के नियमों के अनुसार ओन रिक्वेस्ट ट्रांसफर कोई कानूनी अधिकार (Fundamental Right) नहीं है, बल्कि यह प्रशासन द्वारा दी जाने वाली एक सुविधा है। इसके तहत कर्मचारी का स्थानांतरण केवल उसी स्थिति में संभव होता है जब लक्षित जोन या डिवीजन में संबंधित संवर्ग (Cadre) में Direct Recruitment (DR) Quota की सीधी भर्ती वाली रिक्तियां उपलब्ध हों।
IREM Vol-1 Para 312 का बॉटम सीनियरिटी नियम:
जब कोई कर्मचारी एक रेलवे से दूसरे रेलवे में अपने अनुरोध पर जाता है, तो उसे पुरानी यूनिट में बिताई गई कुल सेवा अवधि के बावजूद नई यूनिट में उस ग्रेड के सबसे कनिष्ठ (Junior-most) कर्मचारी के नीचे स्थान दिया जाता है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई टेक्नीशियन ग्रेड-2 (पे लेवल-4) में ट्रांसफर लेता है, तो नई यूनिट में वह उस दिन कार्यरत सभी नियमित व स्थानापन्न कर्मचारियों से जूनियर माना जाएगा।
मध्यवर्ती ग्रेड (Intermediate Grades) का प्रतिबंध:
ऐसे पद जो 100% विभागीय पदोन्नति (Promotion Quota) से भरे जाते हैं और जिनमें सीधी भर्ती का कोई तत्व नहीं होता, उनमें ओन रिक्वेस्ट ट्रांसफर की अनुमति नहीं दी जाती है। यदि कोई सीनियर टेक्नीशियन (लेवल-6) ट्रांसफर चाहता है, तो उसे निचले डायरेक्ट रिक्रूटमेंट ग्रेड यानी टेक्नीशियन ग्रेड-3 (लेवल-2) में पदावनत (Reversion) होकर जाने की लिखित सहमति (Undertaking) देनी होती है।
रेलवे की आधिकारिक नियमावलियों और स्थापना नियमों के विस्तृत अध्ययन के लिए आप Indian Railways Official Portal का संदर्भ ले सकते हैं। रेलवे विभागीय परीक्षा और प्रैक्टिकल नोट्स की ऐसी ही अन्य जानकारी के लिए Sarkari Resultine पर विज़िट करें।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण नोट्स (Copy-Paste Revision Notes)
विभागीय परीक्षाओं (LDCE/GDCE) और व्यक्तिगत रिकॉर्ड संधारण के लिए नीचे दिए गए फॉर्मेट और महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ तथ्यों को सहेज कर रखें:
Plaintext
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INDIAN RAILWAYS - OWN REQUEST TRANSFER (IROT/IDOT) EXAM REVISION KIT
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[1] TOP 5 CRITICAL RAILWAY ESTABLISHMENT RULES:
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1. IREC Vol-1, Rule 226: Competent Authority powers to transfer non-gazetted staff.
2. IREM Vol-1, Para 312: Transfer on own request leads to BOTTOM SENIORITY in DR quota.
3. RBE No. 85/2020: Minimum 5 years regular service lock-in period for Inter-Railway Transfer.
4. RBE No. 61/2026: Priority transfer scheme for staff having >20 years regular service.
5. Master Circular No. 24: Comprehensive policy governing non-gazetted staff transfers.
[2] STANDARD APPLICATION FORMAT FOR OWN REQUEST TRANSFER (OFFLINE / MANUAL):
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To,
The Divisional Railway Manager (P),
Through Proper Channel (Controlling Supervisor / In-Charge),
________________ Division, ________________ Railway.
SUB: Application for Inter-Railway / Inter-Divisional Own Request Transfer.
REF: IREM Vol-1 Para 312 & Master Circular No. 24.
1. Name of the Employee (in Block Letters) : ___________________________________
2. Father's / Husband's Name : ___________________________________
3. Designation & Department : ___________________________________
4. Station / Depot / Workshop Attached : ___________________________________
5. PF No. / HRMS Employee ID : ________________ / ________________
6. Present Pay Level & Basic Pay (7th CPC) : Level-____, Rs. ___________________
7. Date of Birth : DD / MM / YYYY
8. Date of Initial Appointment (Regular) : DD / MM / YYYY
9. Educational / Technical Qualifications : ___________________________________
10. Community (UR / SC / ST / OBC / EWS) : ___________________________________
11. Transfer Sought To (Zone & Division) : Railway: ________, Division: _______
12. Specific Grounds for Transfer : ___________________________________
(Medical / Spouse Ground / Family Care)
DECLARATION & UNDERTAKING:
I hereby declare that all statements made above are true to the best of my knowledge.
I fully understand that on transfer to the new Railway/Division at my own request:
(a) I shall be assigned BOTTOM SENIORITY below all existing staff in the relevant DR grade (IREM Para 312).
(b) I shall not claim any Traveling Allowance (TA), Joining Time, or Transfer Pass.
(c) I agree to be reverted to the initial recruitment grade if required by rules.
Date: _______________ ___________________________
Place: ______________ Signature of the Employee
FORWARDING BY CONTROLLING SUPERVISOR (SSE/In-Charge):
Forwarded and recommended. The particulars mentioned above have been verified from
Service Records and found correct. No D&AR / Vigilance / SPE case is pending/contemplated.
Date: _______________ ___________________________
Office Seal: ________ Signature of SSE / In-Charge
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खराबी और मेंटेनेंस का सही तरीका: Step-by-Step HRMS Process
वर्तमान में भारतीय रेल में सभी ट्रांसफर प्रक्रियाएं ऑनलाइन HRMS Portal (Employee Self Service – ESS) के माध्यम से संचालित की जाती हैं। यदि आप आवेदन में कोई भी तकनीकी त्रुटि करते हैं, तो आपकी प्रायोरिटी गलत दर्ज हो सकती है। नीचे दी गई चरणबद्ध प्रक्रिया का पालन करें:
चरण 1: HRMS पोर्टल पर लॉगिन एवं डेटा सत्यापन
सबसे पहले अपने HRMS आईडी और पासवर्ड के माध्यम से लॉगिन करें तथा ओटीपी दर्ज करें। पोर्टल के Employee Self Service (ESS) -> Transfer Module में जाकर अपने e-SR (Service Record) के सभी विवरण जैसे पद, ग्रेड पे, शैक्षणिक योग्यता और मूल नियुक्ति तिथि की शुद्धता जांचें।
चरण 2: ट्रांसफर मॉड्यूल में आवेदन भरना
‘New Own Request Transfer’ विकल्प का चयन करें। यहां आपको लक्षित जोन (Target Zone), डिवीजन, और विभाग का चयन करना होगा। यदि आप पति-पत्नी ग्राउंड (Spouse Ground) या विशेष चिकित्सा आधार पर आवेदन कर रहे हैं, तो संबंधित वैध प्रमाणपत्र (पीडीएफ फॉर्मेट में) अपलोड करना अनिवार्य है।
चरण 3: अंडरटेकिंग और ओटीपी सबमिशन
सिस्टम द्वारा प्रदर्शित आईआरईएम पैरा 312 बॉटम सीनियरिटी और नो-टीए/डीए (No TA/DA) घोषणा पर टिक मार्क लगाएं। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करते ही आपकी अर्जी जमा हो जाएगी और एक यूनीक प्रायोरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर (HRMS Registration ID) जेनरेट हो जाएगा।
चरण 4: सुपरवाइजर फॉरवर्डिंग और विजिलेंस क्लीयरेंस
आवेदन आपके संबंधित वरिष्ठ खंड अभियंता (SSE/In-Charge) के पास फॉरवर्ड होगा। सुपरवाइजर स्तर पर स्टोर/स्टॉक शीट का नो-ड्यूज और D&AR / Vigilance / SPE क्लीयरेंस दर्ज कर आवेदन मंडल कार्मिक अधिकारी (APO/DPO) को अग्रसारित किया जाता है।
चरण 5: पैरेंट डिवीजन से एनओसी (NOC) भेजना
सक्षम प्राधिकारी (ADRM/DRM) की प्रशासनिक स्वीकृति के पश्चात आपका आवेदन लक्षित जोनल रेलवे या मंडल को ऑनलाइन एनओसी हेतु भेजा जाता है। लक्षित मंडल में डायरेक्ट रिक्रूटमेंट कोटा की रिक्ति उपलब्ध होने पर वहां से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किया जाता है।
चरण 6: रिलीविंग मेमो और एलपीसी प्रेषण
एनओसी प्राप्त होने के उपरांत रिलीविंग ऑर्डर जारी होता है। कर्मचारी के मूल मेमो पर सत्यापित नवीनतम पासपोर्ट फोटो, बाएं हाथ के अंगूठे का निशान (LTI) और हस्ताक्षर अंकित किए जाते हैं। कार्यमुक्त होने के तुरंत बाद अकाउंट्स शाखा द्वारा Last Pay Certificate (LPC) और सर्विस बुक नई यूनिट को भेजी जाती है।
सीनियर उस्ताद के सीक्रेट टिप्स
एक बात हमेशा याद रखें, रेलवे की कार्यप्रणाली में कागजी मजबूती ही आपकी सबसे बड़ी ढाल होती है। अपने 25 वर्षों के वर्कशॉप अनुभव से मैं आपको कुछ व्यावहारिक गुर साझा कर रहा हूँ जो किसी भी किताब में नहीं मिलेंगे:
- डायरेक्ट रिक्रूटमेंट रोस्टर का सटीक आंकलन: कभी भी आंख बंद करके आवेदन न लगाएं। जिस जोन या डिवीजन में आप जाना चाहते हैं, वहां के कार्मिक विभाग से यह अनौपचारिक रूप से पता कर लें कि आपके ट्रेड (Fitter, Welder, Machinist, P-Way) में DR Quota Vacancy खाली है या नहीं। यदि वहां आरआरबी (RRB) का पैनल आने वाला है, तो आपका एनओसी तुरंत मंजूर होने की संभावना 80% बढ़ जाती है।
- स्पाउस ग्राउंड का पुख्ता प्रमाण संलग्न करना: यदि आपके जीवनसाथी केंद्र सरकार, राज्य सरकार या पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) में कार्यरत हैं, तो उनके कार्यालय प्रमुख से जारी Service & Working Certificate अवश्य संलग्न करें। रेलवे बोर्ड के नियमों के तहत ऐसे मामलों में 5 वर्ष के लॉक-इन पीरियड में छूट मिलती है और इसे उच्च प्राथमिकता (High Priority Category) में प्रोसेस किया जाता है।
- एचआरएमएस प्रायोरिटी का स्क्रीनशॉट व पावती संधारण: आवेदन जमा होते ही उसका जनरेटेड पावती पत्र और प्रायोरिटी नंबर का प्रिंटआउट अपने पास सुरक्षित फाइल में रखें। हर 3 महीने में अपने डिवीजन के कार्मिक विभाग के डीलिंग क्लर्क (OS/Bill Clerk) से मिलकर अपनी फाइल का डिस्पैच नंबर और एनओसी ट्रैकिंग स्टेटस नोट करते रहें।
विभागीय परीक्षा और वाइवा के 3 सबसे ज़रूरी सवाल
रेलवे विभागीय परीक्षाओं (LDCE Technician, JE, APO) और इंटरव्यू बोर्ड में ट्रांसफर नियमों से जुड़े ये तीन प्रश्न सबसे अधिक पूछे जाते हैं:
प्रश्न 1: IREM Para 312 के अनुसार ओन रिक्वेस्ट ट्रांसफर पर कर्मचारी की सीनियरिटी कैसे तय की जाती है?
उत्तर: IREM Vol-1 के पैरा 312 के अनुसार, अपने व्यक्तिगत अनुरोध पर एक रेलवे/डिवीजन से दूसरी रेलवे/डिवीजन में स्थानांतरित होने वाले कर्मचारी को नई यूनिट के संबंधित संवर्ग (Cadre) के डायरेक्ट रिक्रूटमेंट ग्रेड में बॉटम सीनियरिटी (Bottom Seniority) दी जाती है। नई यूनिट में शामिल होने की तिथि पर उस ग्रेड में पहले से कार्यरत सभी नियमित, अस्थायी और स्थानापन्न कर्मचारियों के नीचे उसकी वरिष्ठता तय होती है, चाहे पुरानी यूनिट में उसकी सेवा अवधि कितनी भी लंबी रही हो।
प्रश्न 2: क्या इंटर-रेलवे ट्रांसफर पर जाने वाले कर्मचारी को कम्पोजिट ट्रांसफर ग्रांट (CTG), ट्रांसफर पास या जॉइनिंग टाइम मिलता है?
उत्तर: नहीं। Master Circular No. 24 और IREC नियमों के अनुसार, चूंकि यह स्थानांतरण प्रशासनिक हित (Administrative Interest) में न होकर कर्मचारी के स्वयं के अनुरोध (Own Request) पर किया जाता है, इसलिए कर्मचारी किसी भी प्रकार के CTG, दैनिक भत्ता (DA), ट्रांसफर पास, या विशेष कार्यग्रहण काल (Joining Time) का हकदार नहीं होता है। कर्मचारी को केवल यात्रा में लगने वाला वास्तविक समय दिया जाता है।
प्रश्न 3: यदि कोई पदोन्नत कर्मचारी (Promoted Staff) इंटर-रेलवे ट्रांसफर मांगता है, तो किस शर्त पर अनुमति मिलती है?
उत्तर: यदि कोई कर्मचारी किसी ऐसे मध्यवर्ती ग्रेड (जैसे Tech-1 या Sr. Tech) में कार्यरत है, जहां सभी पद 100% पदोन्नति द्वारा भरे जाते हैं, तो उसका ट्रांसफर सीधे उस ग्रेड में नहीं हो सकता। कर्मचारी को केवल तभी अनुमति दी जाती है जब वह उस संवर्ग के प्रारंभिक डायरेक्ट रिक्रूटमेंट ग्रेड (जैसे Tech-3) में रिवर्शन (Reversion/Demotion) स्वीकार करने और आवश्यक न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता (जैसे ITI/Matric) रखने का लिखित अंडरटेकिंग दे।
चलते-चलते, सुरक्षित रेल संचालन के लिए न केवल टूल्स और मशीनों का रख-रखाव सटीक होना चाहिए, बल्कि सेवा नियमों की स्पष्ट समझ भी हर रेलकर्मी को मजबूत बनाती है। अपनी तकनीकी कुशलता को लगातार निखारते रहें और संरक्षा नियमों को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
