परिचय: HRMS e-SR क्या है(HRMS e-SR Correction Application Draft) और इसमें गलती सुधारना क्यों ज़रूरी है?
नमस्ते साथियों, मैं आपका सीनियर टेक्नीशियन (ग्रेड-1) उस्ताद। आज हम एक ऐसे विषय पर बात करेंगे जिसने पूरे भारतीय रेलवे के सिस्टम को बदल कर रख दिया है। यह विषय है HRMS (Human Resource Management System)।
पहले के समय में हमारी सर्विस बुक एक मोटी सी लाल डायरी हुआ करती थी, जो पर्सनल ब्रांच की अलमारियों में धूल फांकती थी। उसमें क्या लिखा है, यह हमें रिटायरमेंट के समय ही पता चलता था। लेकिन CRIS (Centre for Railway Information Systems) ने HRMS पोर्टल बनाकर हमारी सर्विस बुक को e-SR (Electronic Service Record) में बदल दिया है।
अब रेलवे के लगभग 13 लाख कर्मचारी अपने मोबाइल पर अपना सारा डेटा देख सकते हैं। लेकिन एक बड़ी समस्या यह आ रही है कि जब पुराने फिजिकल रिकॉर्ड को कंप्यूटर में फीड किया गया, तो बहुत सी गलतियां हो गईं। किसी का नाम गलत है, तो किसी की जन्म तिथि या परिवार के सदस्यों का विवरण।
अगर आपके e-SR में कोई भी एरर है, तो आपको e-Pass/PTO लेने में या भविष्य में PF निकालने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसलिए, आज मैं आपको बताऊंगा कि HRMS पोर्टल पर e-SR (इलेक्ट्रॉनिक सर्विस रिकॉर्ड) में गलती होने पर सुधार के लिए एप्लीकेशन ड्राफ्ट कैसे तैयार करें।
साथ ही, हम departmental exams (LDCE/GDCE) में पूछे जाने वाले HRMS से जुड़े ज़रूरी सवालों को भी कवर करेंगे। चलिए, बिना समय बर्बाद किए काम की बात शुरू करते हैं।
एक नज़र में तकनीकी जानकारी (Quick Specs / Exam Facts)
विभागीय परीक्षा की तैयारी करने वाले हमारे ट्रैकमेन, खलासी और टेक्नीशियन भाई इस टेबल को ध्यान से पढ़ें। इसमें से ऑब्जेक्टिव सवाल ज़रूर बनते हैं।
| विवरण (Description) | महत्वपूर्ण जानकारी (Key Facts) |
| पोर्टल का नाम | HRMS (Developed by CRIS) |
| गलती सुधारने का मॉड्यूल | ESS (Employee Self Service) |
| मेन्यू पाथ (Menu Path) | IRHRMS-ESS > View/Edit My Details > Raise Change Request |
| डॉक्यूमेंट अपलोड लिमिट | PDF फॉर्मेट, अधिकतम 2 MB तक |
| अप्रूवल के 3 लेवल | DC (Dealing Clerk) ➔ VA (Verifying Authority) ➔ AA (Accepting Authority) |
| पासवर्ड रीसेट नियम | डिफ़ॉल्ट पासवर्ड Test@123 होता है (लॉगिन के बाद बदलना अनिवार्य है) |
| हेल्पडेस्क पोर्टल | HRMS Official Website |
![: HRMS e-SR Correction Application Draft and ESS Module Dashboard]](https://sarkariresultine.com/wp-content/uploads/2026/08/Gemini_Generated_Image_v88xz6v88xz6v88-70kb-1024x558.jpg)
रेलवे कर्मचारियों के लिए इसकी असली अहमियत क्या है?
वर्कशॉप में हम रोज़ LHB कोच और वैगन का मेंटेनेंस करते हैं ताकि ट्रेन बेपटरी न हो। उसी तरह, e-SR रेलवे कर्मचारी के करियर का “अंडरगियर” है। अगर इसमें कोई फॉल्ट रह गया, तो आपका पूरा करियर बेपटरी हो सकता है।
मान लीजिए आपकी जन्म तिथि (DOB) e-SR में गलत फीड हो गई है। जब रिटायरमेंट का समय आएगा, तो आपका सेटलमेंट (Settlement) लटक जाएगा। आप दफ्तरों के चक्कर काटते रह जाएंगे।
एक और आम समस्या परिवार के सदस्यों (Family Declaration) की जानकारी में आती है। अगर आपके बच्चे का नाम या उम्र गलत है, तो पास क्लर्क आपका पास रिजेक्ट कर देगा। आप छुट्टी के समय अपने परिवार के साथ ट्रेन में सफर नहीं कर पाएंगे।
प्रमोशन (Promotion) और MACPS (Assured Career Progression) के समय भी e-SR का वेरीफाइड (Verified) होना बहुत ज़रूरी है। अगर आपकी एजुकेशन क्वालिफिकेशन HRMS में अपडेट नहीं है, तो आप GDCE या LDCE परीक्षा का फॉर्म ही नहीं भर पाएंगे।
इसीलिए हर एक रेलवे स्टाफ को अपने HRMS अकाउंट में लॉग इन करके अपना डेटा बारीकी से चेक करना चाहिए। अगर कोई भी एरर दिखे, तो तुरंत करेक्शन के लिए एप्लीकेशन लगानी चाहिए।
RDSO / CRIS के नियम और काम करने का सिद्धांत
HRMS पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस वर्किंग के सिद्धांत पर काम करता है। रेलवे बोर्ड के आदेशानुसार, कोई भी सर्विस रिकॉर्ड अब मैन्युअल तरीके से अपडेट नहीं होगा।
CRIS ने कर्मचारियों को अधिकार दिया है कि वे खुद अपनी गलतियों को सुधारने के लिए रिक्वेस्ट भेज सकें। इसे ESS (Employee Self Service) मॉड्यूल कहा जाता है।
ESS मॉड्यूल का सिद्धांत बहुत सीधा है। कर्मचारी पोर्टल पर अपनी सही जानकारी भरता है और प्रमाण के तौर पर एक सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट (जैसे 10वीं की मार्कशीट या आधार कार्ड) की PDF फाइल अपलोड करता है।
रिक्वेस्ट सबमिट करते ही यह आपके डीलिंग क्लर्क (DC – Dealing Clerk) के इनबॉक्स में चली जाती है। DC इसे चेक करके वेरीफाइंग अथॉरिटी (VA) को भेजता है। अंत में एक्सेप्टिंग अथॉरिटी (AA – आमतौर पर APO या DPO) इसे अप्रूव करता है।
जैसे ही AA इसे अप्रूव करता है, आपके e-SR का स्टेटस “Draft” से बदलकर “Accepted” हो जाता है। एक बात हमेशा याद रखें, बिना पक्के सबूत (Valid Document) के कोई भी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट नहीं की जाती है।
दस्तावेज़ ड्राफ्ट करने का सही तरीका (Draft Application Format)
यद्यपि HRMS पर आप सीधे “Raise Change Request” कर सकते हैं, लेकिन हमारे भारतीय रेलवे के पर्सनल ब्रांच (Personnel Branch) का काम करने का अपना एक तरीका है। कई बार क्लर्क कहता है कि पहले “इन-चार्ज (SSE) से फॉरवर्ड कराके मैन्युअल एप्लीकेशन लाओ, तभी मैं ऑनलाइन रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट करूंगा।”
यह बात हर सीनियर उस्ताद जानता है। इसीलिए मैं आपको यहाँ एक परफेक्ट HRMS e-SR Correction Application Draft दे रहा हूँ। इसे हूबहू कॉपी करके, अपनी डिटेल्स भरके प्रिंट आउट निकाल लें।
एप्लीकेशन का प्रारूप (Application Format):
सेवा में,
वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी (Sr. DPO) / मंडल कार्मिक अधिकारी (DPO)
(अपने मंडल का नाम लिखें, जैसे- दानापुर मंडल), (ज़ोन का नाम, जैसे- पूर्व मध्य रेलवे)
द्वारा: वरिष्ठ खंड अभियंता (SSE) / (अपने विभाग का नाम लिखें, जैसे- C&W / P-Way)
विषय: HRMS पोर्टल पर e-SR (इलेक्ट्रॉनिक सर्विस रिकॉर्ड) में दर्ज गलत जानकारी के सुधार हेतु।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं (अपना नाम लिखें), आपके अधीन (स्टेशन/डिपो का नाम) में (अपना पद, जैसे- टेक्नीशियन-I) के पद पर कार्यरत हूँ। मेरा पी.एफ. नंबर (PF No.) _________ और HRMS ID _________ है।
मैंने हाल ही में HRMS पोर्टल के ESS (Employee Self Service) मॉड्यूल में अपने e-SR की जाँच की है। मुझे ज्ञात हुआ है कि मेरे सर्विस रिकॉर्ड में (यहाँ गलती का प्रकार लिखें, जैसे- जन्म तिथि / नाम की स्पेलिंग / परिवार के सदस्य का नाम) गलत दर्ज हो गया है।
HRMS पोर्टल पर दर्ज गलत जानकारी: (यहाँ वह गलत जानकारी लिखें जो पोर्टल पर दिख रही है)
सही जानकारी जो अपडेट की जानी है: (यहाँ अपनी सही जानकारी लिखें)
मैंने HRMS पोर्टल पर ESS मॉड्यूल के माध्यम से ऑनलाइन "Change Request" (रेफरेंस नंबर: _________) भी सबमिट कर दी है। मेरी सही जानकारी की पुष्टि के लिए मैं इस आवेदन के साथ अपने (डॉक्यूमेंट का नाम, जैसे- 10वीं का सर्टिफिकेट / आधार कार्ड) की स्व-प्रमाणित (Self-attested) छायाप्रति संलग्न कर रहा हूँ।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया मेरे e-SR में उपरोक्त सुधार करने की कृपा करें, ताकि मुझे भविष्य में पास/PTO तथा अन्य रेलवे सुविधाओं का लाभ लेने में कोई असुविधा न हो।
धन्यवाद।
संलग्नक:
1. (डॉक्यूमेंट 1 का नाम)
2. (डॉक्यूमेंट 2 का नाम)
भवदीय,
हस्ताक्षर: _________________
नाम: _____________________
पद: ______________________
पीएफ नंबर/IPAS ID: ________
HRMS ID: _________________
मोबाइल नंबर: ______________
दिनांक: ___________________
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण नोट्स (Copy-Paste Revision Notes)
डिपार्टमेंटल परीक्षा (LDCE/GDCE) में HRMS से जुड़े बहुत से सवाल पूछे जाते हैं। मैंने आपके लिए सबसे ज़रूरी पॉइंट्स का एक कैप्सूल तैयार किया है। इसे सीधे कॉपी करें और अपनी नोटबुक में उतार लें। रेलवे विभागीय परीक्षा और प्रैक्टिकल नोट्स की ऐसी ही अन्य जानकारी के लिए Sarkari Resultine पर विज़िट करें।
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HRMS ESS MODULE: QUICK REVISION NOTES
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1. HRMS का फुल फॉर्म: Human Resource Management System.
2. e-SR का फुल फॉर्म: Electronic Service Record.
3. IPAS ID क्या है: यह कर्मचारी का 11 या 14 अंकों का PF (Provident Fund) नंबर होता है।
4. ESS का फुल फॉर्म: Employee Self Service (इसी मॉड्यूल से कर्मचारी अपना डेटा अपडेट करता है).
5. पासवर्ड रीसेट: HRMS का डिफ़ॉल्ट पासवर्ड Test@123 होता है।
6. e-SR में डेटा अप्रूवल के 3 स्तर:
- DC (Dealing Clerk)
- VA (Verifying Authority - usually OS/Ch.OS)
- AA (Accepting Authority - usually APO/DPO)
7. डॉक्यूमेंट अपलोड लिमिट: करेक्शन के लिए सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट PDF फॉर्मेट में होना चाहिए और साइज 2 MB से कम होना चाहिए।
8. e-Pass मॉड्यूल में फैमिली डिक्लेरेशन (Family Declaration) पास क्लर्क (Pass Clerk) द्वारा अप्रूव किया जाता है, न कि बिल क्लर्क द्वारा।
9. अगर e-SR में डेटा पूरी तरह सही है, तो स्टेटस "Verified" या "Accepted" दिखाई देगा।
10. OTP वैलिडिटी: HRMS में ई-पास बुक करने के लिए जनरेट किया गया OTP 24 घंटे के लिए मान्य होता है।
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HRMS ई-एसआर में एरर ठीक करने का सही तरीका (Step-by-Step Online Process)
अब मैं आपको बताऊंगा कि एप्लीकेशन लिखने के साथ-साथ ऑनलाइन पोर्टल पर रिक्वेस्ट कैसे रेज़ (Raise) करनी है। ये स्टेप्स बिल्कुल वैसे ही हैं जैसे हम वर्कशॉप में किसी मशीन का मैन्युअल देखकर फॉल्ट ठीक करते हैं।
स्टेप 1: सबसे पहले गूगल क्रोम में HRMS की आधिकारिक वेबसाइट खोलें या मोबाइल ऐप ओपन करें।
स्टेप 2: अपना HRMS ID, पासवर्ड और रजिस्टर मोबाइल पर आया हुआ OTP डालकर लॉग इन करें।
स्टेप 3: बाईं तरफ दिए गए मेन्यू में IRHRMS-ESS पर क्लिक करें और फिर View/Edit My Details पर जाएं।
स्टेप 4: अब आपके सामने ड्रॉप-डाउन मेन्यू आएगा (जैसे Basic Info, Family, Qualification)। जहाँ गलती है, उस टैब को सेलेक्ट करें और ‘Go’ पर क्लिक करें।
स्टेप 5: पेज खुलने पर नीचे “Raise Change Request” का बटन होगा, उस पर क्लिक करें।
स्टेप 6: अब आपको एडिट (Edit) करने का विकल्प मिलेगा। दाईं ओर बने चेक बॉक्स (Check box) पर टिक करें और सही जानकारी भरें।
स्टेप 7: ‘Reason for editing’ वाले बॉक्स में करेक्शन का कारण लिखें (जैसे- Spelling mistake in Old SR)।
स्टेप 8: Upload Document पर क्लिक करके अपनी 2 MB से कम साइज की PDF फाइल अपलोड करें और Submit कर दें।
स्टेप 9: आपकी रिक्वेस्ट सबमिट हो जाएगी। अब ऊपर दिया गया ड्राफ्ट अपने SSE से साइन करवाके पर्सनल ब्रांच के डीलिंग क्लर्क को दे दें। काम पक्का हो जाएगा!

सीनियर उस्ताद के सीक्रेट टिप्स (Advanced Practical Tips)
ड्यूटी के दौरान मैं हमेशा अपने खलासियों और जूनियर टेक्नीशियनों को कुछ जुगाड़ और टिप्स देता हूँ। ये किताबें नहीं बताएंगी, ये सालों के अनुभव से आता है।
टिप 1: PDF फाइल को क्लियर रखें: कई बार लोग मोबाइल से धुंधली फोटो खींचकर उसे PDF में बदल देते हैं। क्लर्क उसे पढ़ नहीं पाता और रिक्वेस्ट रिजेक्ट कर देता है। हमेशा CamScanner या किसी अच्छे स्कैनर ऐप से डॉक्यूमेंट स्कैन करें और उसे 2 MB के अंदर ही कंप्रेस करें।
टिप 2: डीलिंग क्लर्क से तालमेल: HRMS में ऑनलाइन रिक्वेस्ट भेजने के बाद चुपचाप घर मत बैठिए। पर्सनल ब्रांच (DRM ऑफिस) में अपने बिल क्लर्क (Bill Clerk) या पास क्लर्क को फोन करके या मिलकर बता दें कि “सर, मैंने रिक्वेस्ट भेजी है, ज़रा अप्रूव कर दीजिए।” इससे काम बहुत जल्दी होता है।
टिप 3: फैमिली और बेसिक इन्फो को सबसे पहले सुधारें: e-SR में दर्जनों टैब होते हैं (जैसे ट्रेनिंग, अवार्ड, पब्लिकेशन)। लेकिन सबसे ज़्यादा ज़रूरी है आपका Basic Info और Family Declaration। अगर ये दोनों सही हैं, तो आपको पास/PTO लेने और मेडिकल सुविधा लेने में कभी दिक्कत नहीं आएगी। इसे अपनी प्राथमिकता पर रखें।
विभागीय परीक्षा और वाइवा के 3 सबसे ज़रूरी सवाल (Top 3 Viva FAQs)
जब आप प्रमोशन के लिए JE या टेक्नीशियन-I का इंटरव्यू/वाइवा देने जाएंगे, तो अधिकारी आपसे नए नियमों पर ज़रूर सवाल करेंगे। यहाँ उन सवालों के सटीक जवाब हैं।
सवाल 1: ESS का फुल फॉर्म क्या है और e-SR में सुधार की प्रक्रिया क्या है?
उस्ताद का जवाब: सर, ESS का फुल फॉर्म Employee Self Service है। e-SR में सुधार के लिए कर्मचारी HRMS पोर्टल के ESS मॉड्यूल में जाकर “Raise Change Request” करता है। सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद वह रिक्वेस्ट DC (Dealing Clerk) के पास जाती है, फिर VA (Verifying Authority) उसे चेक करता है, और अंत में AA (Accepting Authority) उसे अप्रूव कर देता है।
सवाल 2: अगर HRMS e-SR में किसी कर्मचारी का नाम या जन्म तिथि गलत है, तो क्या वह पास (e-Pass) के लिए अप्लाई कर सकता है?
उस्ताद का जवाब: नहीं सर। e-Pass मॉड्यूल पूरी तरह से e-SR डेटा पर निर्भर है। जब तक कर्मचारी का फैमिली डिक्लेरेशन और बेसिक डेटा सही नहीं होगा और पास क्लर्क द्वारा अप्रूव (Accept) नहीं किया जाएगा, तब तक वह e-Pass या PTO के लिए अप्लाई नहीं कर सकता है।
सवाल 3: HRMS पोर्टल में e-SR करेक्शन के लिए डॉक्यूमेंट अपलोड करने के क्या नियम हैं?
उस्ताद का जवाब: सर, करेक्शन को साबित करने के लिए जो भी सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट हम अपलोड करते हैं, वह अनिवार्य रूप से PDF फॉर्मेट में होना चाहिए। इसके अलावा, उस फाइल का अधिकतम साइज़ 2 MB से ज़्यादा नहीं होना चाहिए, अन्यथा सिस्टम उसे एक्सेप्ट नहीं करेगा।
चलते-चलते बस इतना ही कहूंगा कि रेलवे में सुरक्षा और नियम दोनों का पालन करना हमारा फर्ज है। ट्रैक पर ड्यूटी करते समय अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें और घर आकर अपने HRMS का। इस ब्लॉग को अपने साथी कर्मचारियों के WhatsApp ग्रुप में ज़रूर शेयर करें ताकि किसी भी भाई का पास या से
