अगर आप घबराहट में इंटरनेट पर Morphing Photo Threat Reply ढूँढ रहे हैं, तो सबसे पहले एक लंबी साँस लें और शांत हो जाएं। फेक लोन ऐप वाले आपकी मोर्फ की हुई (फर्जी) नग्न तस्वीरें आपके रिश्तेदारों को भेजने की धमकी दे रहे हैं, लेकिन यह आपकी गलती नहीं है, बल्कि यह एक संगठित साइबर अपराध है।
साइबर फ्रॉड से बचाव, बैंक रिफंड और कानूनी ड्राफ्ट्स से जुड़ी ऐसी ही प्रैक्टिकल जानकारी के लिए Sarkari Resultine पर विज़िट करें। एक एक्स-साइबर पुलिस अफसर होने के नाते मैं आपको गारंटी देता हूँ कि अगर आप डर कर इन्हें पैसे देंगे, तो ये ब्लैकमेलिंग कभी नहीं रुकने वाली।
डरने का वक्त खत्म हो चुका है, अब कानूनी एक्शन लेने का समय है। इस पोस्ट में मैं आपको वो अंदरूनी सीक्रेट्स और लीगल ड्राफ्ट दूँगा, जिससे पुलिस और बैंक दोनों तुरंत एक्शन लेने पर मजबूर हो जाएंगे।
एक नज़र में ज़रूरी जानकारी (Quick Action Specs)
जब भी ब्लैकमेलिंग शुरू हो, तो बिना समय बर्बाद किए सही जगह शिकायत करना सबसे ज़्यादा ज़रूरी है। नीचे दी गई टेबल से समझिए कि आपको किस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना है।
| फ्रॉड का प्रकार | शिकायत कहाँ करें | हेल्पलाइन नंबर | रिकवरी का समय (TAT) | ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स |
| फोटो मोर्फिंग / ब्लैकमेलिंग | cybercrime.gov.in | 1930 | शुरुआती 24 घंटे (Golden Hour) | धमकी भरे चैट्स, कॉल रिकॉर्डिंग, फेक फोटो |
| जबरन पैसे की वसूली (Extortion) | RBI Sachet Portal / SP Office | लोकल साइबर सेल | 3 से 7 दिन | बैंक स्टेटमेंट, UPI ट्रांजैक्शन ID |
| फर्जी रिकवरी कॉल्स | Chakshu (Sanchar Saathi) | 1930 | 24 से 48 घंटे | फ्रॉड कॉल करने वाले का मोबाइल नंबर |
शुरुआती 24 घंटे में क्या करें? (The Golden Hour)
फ्रॉड होने के बाद के पहले 24 घंटे (गोल्डन आवर) आपके लिए सबसे अहम होते हैं, क्योंकि इसी दौरान ठग आप पर सबसे ज़्यादा मनोवैज्ञानिक दबाव बनाते हैं। उनका मकसद होता है कि आप बदनामी के डर से बिना सोचे-समझे उनके खाते में पैसे ट्रांसफर कर दें।
सबसे पहला कदम: जैसे ही आपको धमकी भरा मैसेज आए, उसका स्क्रीनशॉट लें और तुरंत उस नंबर को ब्लॉक कर दें। उन्हें गालियां देने या बहस करने में अपना समय बिल्कुल बर्बाद न करें।
दूसरा अचूक कदम: अपने सभी रिश्तेदारों और दोस्तों को खुद एक वॉट्सऐप मैसेज या स्टेटस डालकर अलर्ट कर दें। उन्हें लिखें- “मेरा फोन हैक हो गया है और साइबर ठग मेरी AI से बनी फर्जी तस्वीरें भेजकर पैसे मांग रहे हैं, कृपया किसी भी अनजान मैसेज को ब्लॉक कर दें।”

सरकारी नियम और RBI की पूरी जानकारी
भारत का कानून आपको ऐसे ब्लैकमेलर्स से बचाने के लिए बहुत सख्त हथियार देता है, बस आपको सही धाराओं का इस्तेमाल करना आना चाहिए। अगर कोई रिकवरी एजेंट आपकी फर्जी न्यूड फोटो बनाता या भेजता है, तो यह IT Act की धारा 67 और 67A के तहत एक गंभीर गैर-जमानती अपराध है, जिसमें 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
नए क्रिमिनल कानूनों (BNS) के तहत भी ब्लैकमेलिंग पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। आपकी फर्जी फोटो दिखाकर पैसे मांगना BNS Section 308 (Extortion / जबरन वसूली) और BNS Section 351 (Criminal Intimidation / आपराधिक धमकी) के दायरे में आता है, जिसमें 3 से 7 साल तक की सीधी जेल है।
RBI की गाइडलाइन्स के अनुसार भी कोई भी बैंक या NBFC का रिकवरी एजेंट आपके परिवार वालों को फोन नहीं कर सकता और न ही गाली-गलौज कर सकता है। अगर ये लोन ऐप किसी रजिस्टर्ड NBFC से जुड़े होने का दावा करते हैं, तो आप RBI के नियमों (Zero Liability Policy & Fair Practices Code) का हवाला देकर सीधा उनकी लाइसेंसिंग रद्द करवाने की शिकायत कर सकते हैं।
शिकायत के साथ लगाए जाने वाले सबूत (Required Documents)
पुलिस या साइबर सेल आपकी बातों पर नहीं, बल्कि डिजिटल सबूतों पर कार्रवाई करती है। शिकायत करने से पहले अपने फोन से कोई भी डेटा डिलीट करने की गलती बिल्कुल न करें।
- चैट्स और धमकियों के स्क्रीनशॉट्स: वॉट्सऐप या SMS पर आई धमकियों और मोर्फ की गई फोटो का स्क्रीनशॉट लें जिसमें भेजने वाले का नंबर और समय (Timestamp) साफ दिख रहा हो।
- बैंक स्टेटमेंट और UPI ID: अगर आपने डर कर उन्हें कोई पैसा भेजा है, तो उस ट्रांजैक्शन की बैंक रसीद और सामने वाले की UPI ID का प्रिंटआउट निकाल लें।
- कॉल रिकॉर्डिंग: अगर रिकवरी एजेंट फोन पर गालियां दे रहा है, तो कॉल रिकॉर्डिंग चालू रखें, यह पुलिस के लिए सबसे अहम सबूत बनेगा।
- लोन ऐप की जानकारी: Google Play Store पर उस ऐप का लिंक, APK फाइल का नाम, और जो मैसेज उन्होंने आपको लोन देते समय भेजा था, उसका सबूत रखें।
बैंक / पुलिस शिकायत का 100% सही फॉर्मेट
साइबर सेल या पुलिस स्टेशन में शिकायत देते वक्त अगर आप सही कानूनी धाराओं (Sections) का ज़िक्र नहीं करेंगे, तो पुलिस इसे हल्का मामला समझ सकती है। नीचे दिए गए इस अचूक लीगल ड्राफ्ट को कॉपी करें, अपनी डिटेल्स भरें, और पुलिस स्टेशन के इंचार्ज को सौंप दें।
सेवा में,
प्रभारी अधिकारी (Station House Officer) / साइबर सेल इंचार्ज
[पुलिस स्टेशन का नाम], [शहर का नाम], [पिन कोड]
विषय: फर्जी लोन ऐप द्वारा मोर्फ्ड (Morphed) तस्वीरों से ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली (Extortion) और मानसिक उत्पीड़न के खिलाफ IT Act 67/67A एवं BNS 308/351 के तहत FIR दर्ज करने हेतु।
महोदय/महोदया,
मैं, [आपका पूरा नाम], उम्र [आपकी उम्र] वर्ष, निवासी [आपका पूरा पता], आपको यह सूचित करना चाहता/चाहती हूँ कि कुछ अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा मुझे लगातार ब्लैकमेल किया जा रहा है। मैंने गलती से Google Play Store / एक लिंक के माध्यम से [लोन ऐप का नाम लिखें] नामक ऐप डाउनलोड किया था।
इस ऐप ने धोखे से मेरे फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट और गैलरी का एक्सेस ले लिया। अब इस ऐप के रिकवरी एजेंट मुझे अलग-अलग अनजान वॉट्सऐप नंबरों से कॉल और मैसेज करके गंदी गालियां दे रहे हैं। उन्होंने मेरी एक साधारण फोटो को AI टूल्स की मदद से अश्लील और नग्न (Nude) बना दिया है (Morphed Photos)।
अपराधी मुझे धमकी दे रहे हैं कि अगर मैंने उन्हें [मांगी गई रकम, उदाहरण: 50,000 रुपये] नहीं दिए, तो वे ये नग्न तस्वीरें मेरे माता-पिता, रिश्तेदारों और ऑफिस के सहकर्मियों को भेज देंगे। डर के मारे मैंने उन्हें अब तक [अगर कोई रकम भेजी है तो यहाँ लिखें, वरना इस लाइन को हटा दें] रुपये इस UPI ID [अपराधी की UPI ID] पर भेज दिए हैं, लेकिन उनकी ब्लैकमेलिंग और पैसों की मांग बढ़ती ही जा रही है।
इन अपराधियों के फोन नंबर निम्नलिखित हैं:
1. [धमकी देने वाले का नंबर 1]
2. [धमकी देने वाले का नंबर 2]
यह कृत्य Information Technology Act, 2000 की धारा 66E, 67, 67A (निजता का हनन और अश्लील सामग्री फैलाना) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308 (जबरन वसूली) व 351 (आपराधिक धमकी) के तहत एक गंभीर संज्ञेय अपराध है। मेरी जान और सम्मान दोनों को गंभीर खतरा है।
अतः आपसे हाथ जोड़कर निवेदन है कि कृपया तुरंत इस मामले में FIR दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करें और इन साइबर अपराधियों के मोबाइल नंबर और बैंक खाते को फ्रीज (Block) करवाने की कृपा करें। मैंने सबूत के तौर पर धमकियों के स्क्रीनशॉट्स और बैंक स्टेटमेंट इस आवेदन के साथ संलग्न कर दिए हैं।
धन्यवाद।
भवदीय,
हस्ताक्षर: ________________
नाम: [आपका नाम]
मोबाइल नंबर: [आपका मोबाइल नंबर]
दिनांक: [आज की तारीख]
संलग्नक: स्क्रीनशॉट्स, कॉल रिकॉर्डिंग CD, और बैंक स्टेटमेंट की कॉपी।
![Fake Loan App Cyber Cell Police Complaint Format in Hindi]](https://sarkariresultine.com/wp-content/uploads/2026/10/ff326588-3204-4939-9541-5c2f3a90b91d-50kb.jpeg)
ऑनलाइन शिकायत दर्ज़ करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
अगर आप तुरंत पुलिस स्टेशन नहीं जा सकते, तो भारत सरकार के साइबर पोर्टल पर घर बैठे 5 मिनट में शिकायत दर्ज करें। यह तरीका सबसे असरदार है क्योंकि इससे सीधा दिल्ली (गृह मंत्रालय) के सर्वर्स पर डेटा जाता है और पुलिस को एक्शन लेना ही पड़ता है।
- सबसे पहले अपने फोन या लैपटॉप में cybercrime.gov.in वेबसाइट खोलें और “File a Complaint” बटन पर क्लिक करें।
- नियमों को “Accept” करें और “Report Other Cyber Crime” या अगर अश्लील फोटो की धमकी है तो “Report Crime Related to Women/Children” वाला विकल्प चुनें।
- अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन करें और OTP डालकर अपना अकाउंट वेरीफाई करें।
- Category में “Online Cyber Trafficking / Extortion / Publishing Sexually Explicit Content” चुनें।
- तारीख और समय डालें (जब आपको पहली बार धमकी भरा मैसेज आया था) और “Incident Details” बॉक्स में ऊपर दिए गए ड्राफ्ट की मुख्य बातें टाइप कर दें।
- अगले पेज पर अपराधियों के मोबाइल नंबर, उनकी UPI ID या बैंक खाते की जानकारी (जिसमें उन्होंने पैसे मांगे हैं) सही-सही भरें।
- “Upload Media” सेक्शन में अपने सारे स्क्रीनशॉट्स, मोर्फ की हुई फोटो (प्रमाण के लिए) और कॉल रिकॉर्डिंग की फाइल्स अपलोड कर दें।
- अंत में अपना आधार कार्ड या पैन कार्ड अपलोड करके फॉर्म “Submit” कर दें। आपको तुरंत एक Acknowledgement Number (शिकायत संख्या) मिल जाएगी, जिसे संभाल कर रखें।
अगर बैंक मैनेजर / पुलिस वाले मदद करने से मना करें तो क्या करें?
कई बार स्थानीय पुलिस स्टेशन वाले साइबर फ्रॉड के मामलों में FIR दर्ज करने में आनाकानी करते हैं या आपको साइबर सेल के चक्कर कटवाते हैं। अगर पुलिस आपकी नहीं सुन रही है, तो आप CrPC 156(3) (अब BNSS की संबंधित धारा) के तहत सीधे इलाके के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (Court) के पास याचिका लगा सकते हैं।
आप अपने जिले के पुलिस अधीक्षक (SP / SSP) ऑफिस में जाकर भी अपनी लिखित शिकायत सीधे रिसीविंग डेस्क पर जमा करवा सकते हैं। इसके अलावा, अगर यह फ्रॉड किसी रजिस्टर्ड बैंक या फाइनेंस कंपनी के नाम पर हुआ है, तो आप सीधा RBI के CMS पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर जाकर ‘RBI Ombudsman’ (लोकपाल) को शिकायत कर सकते हैं।
साइबर एक्सपर्ट के सीक्रेट टिप्स – भविष्य में कैसे बचें
एक्स-पुलिस अफसर होने के नाते मैं आपको कुछ ऐसे डार्क सीक्रेट्स बता रहा हूँ जो ठग कभी नहीं चाहते कि आपको पता चलें। अगर आपकी फोटो मोर्फ हो चुकी है, तो तुरंत StopNCII.org वेबसाइट पर जाएं; यह एक ग्लोबल पोर्टल है जो आपकी अश्लील तस्वीरों का डिजिटल हैश (Digital Hash) बनाकर उन्हें फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपलोड होने से पहले ही ब्लॉक कर देता है।
एक बात हमेशा याद रखें (Pro-Tip): दूरसंचार विभाग की वेबसाइट संसार साथी (sancharsaathi.gov.in) पर “चक्षु (Chakshu)” नाम का एक खास पोर्टल है। जिन भी अनजान नंबरों से आपको धमकियां आ रही हैं, उन नंबरों को चक्षु पोर्टल पर रिपोर्ट कर दें; सरकार 24 घंटे के अंदर उस ठग का मोबाइल नंबर हमेशा के लिए डीएक्टिवेट कर देगी।

ज़रूरी सरकारी वेबसाइट्स और उनके काम
ताकि आप फ्रॉड के समय भ्रमित न हों, मैंने सभी अहम सरकारी वेबसाइट्स की एक लिस्ट नीचे दी है। इन लिंक्स को कहीं सेव करके ज़रूर रख लें।
- cybercrime.gov.in: यह राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल है, यहाँ आप किसी भी प्रकार के ऑनलाइन फ्रॉड, ब्लैकमेलिंग और ठगी की आधिकारिक शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
- sancharsaathi.gov.in: इस पोर्टल के Chakshu फीचर से आप फ्रॉड कॉल करने वालों का नंबर पूरे भारत में ब्लॉक करवा सकते हैं और अपना चोरी हुआ फोन भी ट्रैक कर सकते हैं।
- cms.rbi.org.in: यह RBI लोकपाल (Ombudsman) का पोर्टल है, जहाँ आप बैंक, NBFC या लोन ऐप की बदतमीजी की शिकायत सीधे रिज़र्व बैंक से कर सकते हैं।
- sachet.rbi.org.in: अगर किसी फर्जी संस्था ने आपको गलत तरीके से लोन बांटा है, तो आप सचेत (Sachet) पोर्टल पर उसकी रिपोर्ट कर सकते हैं।
- stopncii.org: यह अंतरराष्ट्रीय संस्था आपकी प्राइवेट या मोर्फ की हुई फोटो को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर फैलने और वायरल होने से रोकती है।
फ्रॉड के शिकार लोगों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले 5 सवाल (FAQs)
1. क्या मुझे डर कर ब्लैकमेलर को पैसे दे देने चाहिए?
बिल्कुल नहीं! ब्लैकमेलर का पेट कभी नहीं भरता; अगर आप एक बार पैसे देंगे, तो वो समझ जाएंगे कि आप डरपोक हैं और आपसे बार-बार पैसों की डिमांड करेंगे।
2. लोन ऐप वालों के पास मेरी फोटो और नंबर कैसे पहुँच गए?
जब आप कोई फेक लोन ऐप इनस्टॉल करते हैं, तो वो धोखे से आपसे “Contacts” और “Gallery” की परमिशन (Allow) मांग लेते हैं। इसी वजह से आपका सारा डेटा उनके चीनी या विदेशी सर्वर पर चोरी हो जाता है।
3. पुलिस मेरी मोर्फ फोटो सोशल मीडिया पर जाने से कैसे रोक सकती है?
पुलिस के पास स्पेशल साइबर टूल्स और नोडल अधिकारियों के सीधे संपर्क होते हैं। शिकायत दर्ज होते ही वे सोशल मीडिया कंपनियों को नोटिस भेजकर उस फोटो या वीडियो को तुरंत डिलीट करवा देते हैं।
4. क्या मैंने लोन नहीं चुकाया इसलिए मुझे जेल हो सकती है?
भारत में अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन (Unsecured Loan) न चुका पाना कोई क्रिमिनल जुर्म (Criminal Offence) नहीं है, बल्कि एक सिविल मामला है। इसलिए पुलिस आपको कभी जेल में नहीं डालेगी, बल्कि वो रिकवरी एजेंट जेल जाएंगे जो आपको धमका रहे हैं।
5. मेरे रिश्तेदारों को फोन करके गालियां दी जा रही हैं, मैं क्या करूँ?
सबसे पहले अपने सभी रिश्तेदारों को बता दें कि आपका फोन हैक हो चुका है और यह एक फ्रॉड है। उसके बाद 1930 डायल करके तुरंत पुलिस को उस रिकवरी एजेंट का नंबर दें।
चलते-चलते एक बात ध्यान रखें कि साइबर ठग आपकी झिझक और शर्म का फायदा उठाते हैं। आज ही ऊपर दिए गए ड्राफ्ट का इस्तेमाल करें, आवाज़ उठाएं और इन क्रिमिनल्स को सलाखों के पीछे भेजें।
