अगर आप उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य बनने का सपना देख रहे हैं, तो UPESSC Principal Syllabus 2026 की पूरी जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने विज्ञापन संख्या 02/2026 के तहत कुल 111 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना और पाठ्यक्रम जारी कर दिया है।

सफलता की राह में सबसे पहला कदम परीक्षा के पैटर्न और सिलेबस को गहराई से समझना होता है। इस पोस्ट में हम आपको परीक्षा योजना, विषयवार पाठ्यक्रम, मार्किंग स्कीम और तैयारी की सबसे कारगर रणनीति के बारे में विस्तार से बताएंगे।

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने प्रदेश के सह-शिक्षा (Co-Ed) और महिला महाविद्यालयों में प्राचार्य के रिक्त पदों पर चयन के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती में कुल 111 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जिनमें 89 पद सह-शिक्षा कॉलेजों के लिए और 22 पद महिला कॉलेजों के लिए आरक्षित हैं।

इस परीक्षा के लिए केवल वही अभ्यर्थी पात्र होंगे जिन्होंने पीएचडी (Ph.D.) की डिग्री प्राप्त की है और जिनके पास किसी विश्वविद्यालय या कॉलेज में कम से कम 15 वर्षों का शिक्षण या अनुसंधान का अनुभव है। इसके अलावा अभ्यर्थी का न्यूनतम एकेडमिक परफॉर्मेंस इंडिकेटर (API) यानी रिसर्च स्कोर 110 होना अनिवार्य है।

आयोग ने इस भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 01 जुलाई 2026 को 62 वर्ष निर्धारित की है। चयनित प्राचार्यों को पे मैट्रिक्स लेवल-14 (₹1,44,200 – ₹2,18,200) के अनुसार आकर्षक वेतनमान दिया जाएगा।

प्राचार्य पद पर अंतिम चयन कुल 400 अंकों की प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा। आयोग ने चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और उच्च स्तरीय बनाने के लिए दो मुख्य चरण तय किए हैं।

चयन प्रक्रिया में निम्नलिखित चरण शामिल हैं:

  1. लिखित परीक्षा (Written Exam): यह परीक्षा कुल 360 अंकों की होगी, जिसमें 120 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे।
  2. अनुसंधान प्राप्तांक जांच (Research Score Eligibility): अभ्यर्थियों का न्यूनतम 110 रिसर्च स्कोर (API Score) होना अनिवार्य है, तभी उन्हें अर्ह माना जाएगा।
  3. साक्षात्कार (Interview): लिखित परीक्षा के आधार पर शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों को 40 अंकों के इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।
  4. अभिलेख सत्यापन (Document Verification): इंटरव्यू के समय अभ्यर्थियों के सभी शैक्षणिक, अनुभव और शोध पत्रों की मूल प्रतियों की जांच की जाएगी।

परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए प्रश्नों की संख्या, अंक वितरण और समय का सही ज्ञान होना बेहद आवश्यक है। लिखित परीक्षा पूरी तरह से वस्तुनिष्ठ प्रकार (Multiple Choice Questions) की होगी।

इस परीक्षा में प्रत्येक सही उत्तर के लिए अभ्यर्थी को 3 अंक दिए जाएंगे। वहीं, प्रत्येक गलत उत्तर या एक से अधिक विकल्प चुनने पर 1 अंक की नेगेटिव मार्किंग (Negative Marking) की जाएगी।

प्रश्नों का स्तर बहुत ही संतुलित रखा जाएगा। इसमें 50 प्रतिशत प्रश्न औसत स्तर के, 30 प्रतिशत प्रश्न कठिन स्तर के और 20 प्रतिशत प्रश्न अत्यधिक कठिन स्तर के होंगे।

Detailed Exam Pattern Table

Part / Subject NameNumber of QuestionsMaximum MarksTime Duration
Part-A: General Knowledge40 Questions120 MarksComposite Time (120 Mins)
Part-B: Administrative Aptitude Test80 Questions240 MarksComposite Time
Total120 Questions360 Marks2 Hours (120 Minutes)

लिखित परीक्षा के पाठ्यक्रम को दो भागों (Part-A और Part-B) में विभाजित किया गया है। आयोग के आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार प्रत्येक भाग का विस्तृत सिलेबस नीचे दिया जा रहा है।

Part-A: General Knowledge (सामान्य ज्ञान – 40 प्रश्न)

इस भाग में कुल 3 यूनिट शामिल हैं और प्रत्येक यूनिट से न्यूनतम 3 प्रश्न अवश्य पूछे जाएंगे।

Unit-1: Current Affairs (समसामयिक घटनाक्रम)

  • राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं (Current events of State, National and International importance)
  • समाचारों में चर्चित प्रमुख व्यक्तित्व (Personalities in news)
  • खेल-कूद और मल्टीमीडिया (Games, sports and multi media)
  • समकालीन संदर्भ में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण (Science, Technology and environment in contemporary context)

Unit-2: Indian Polity, History, Economy and Geography (भारतीय राजनीति, इतिहास, अर्थव्यवस्था और भूगोल)

  • भारतीय संविधान और राजव्यवस्था (Indian constitution and polity)
  • शिक्षा प्रणाली से संबंधित कानूनी और संवैधानिक विकास (Legal and Constitutional development related with educational system)
  • भारतीय इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन (Indian History and national movement)
  • भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy)
  • सामान्य भारतीय भूगोल (Basic Indian Geography)

Unit-3: Information and Communication Technology – ICT (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी)

  • ICT: लाभ, हानि और उपयोग (ICT: Advantages, disadvantages and uses)
  • इंटरनेट के मूल सिद्धांत और इसके अनुप्रयोग (Basics of Internet and its applications)
  • शैक्षिक प्रौद्योगिकी में विकास (Developments in Educational Technology)

Part-B: Administrative Aptitude Test (प्रशासकीय अभिरुचि परीक्षा – 80 प्रश्न)

इस भाग में कुल 7 यूनिट शामिल हैं और प्रत्येक यूनिट से कम से कम 5 प्रश्न पूछे जाएंगे।

Unit-1: Indian Culture and Ethics (भारतीय संस्कृति और नैतिकता)

  • प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली (Ancient Indian Education)
  • गुरु-शिष्य परंपरा (Guru-shishya Parampara)
  • भारतीय कला और साहित्य (Indian art & literature)
  • विश्व विरासत में भारत का योगदान (India’s contribution to world heritage)
  • शैक्षणिक संस्थानों में नैतिकता और मूल्यों को बढ़ावा देना (Promotion of ethics and values in academic institutions)

Unit-2: Pre and Post Independence Educational Scenario (स्वतंत्रता पूर्व और पश्चात का शैक्षिक परिदृश्य)

  • 1850 के बाद विश्वविद्यालयों का विकास (Development of Universities after 1850)
  • स्वतंत्रता पूर्व और पश्चात के शैक्षिक विचारक – तिलक, गांधी, मालवीय, स्वामी विवेकानंद, टैगोर, राधाकृष्णन, कलाम (Pre & Post Independent Educational thinkers – Tilak, Gandhi, Malviya, Swami Vivekanand, Tagore, Radhakrishnan, Kalam)
  • स्वतंत्रता के बाद गठित विभिन्न शिक्षा आयोग (Various Educational Commissions after Independence)
  • नई शिक्षा नीति – एनईपी (New Education Policy – NEP)

Unit-3: Higher Education System (उच्च शिक्षा प्रणाली)

  • भारत में उच्च शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (Institutions of higher learning and research in India)
  • औपचारिक और दूरस्थ शिक्षा (Formal and Distance Education)
  • सामान्य और व्यावसायिक शिक्षा (General and Professional Education)
  • उच्च शिक्षा की नियामक संस्थाएं – यूजीसी, एनसीटीई, एआईसीटीई, एमसीआई, नैक, बीसीआई और आरसीआई (Regulatory bodies for higher education with special reference to UGC, NCTE, AICTE, MCI, NAAC, BCI and RCI)

Unit-4: Governance and Administration of Higher Education in U.P. (उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा का शासन और प्रशासन)

  • विश्वविद्यालय और महाविद्यालय: प्राधिकारी, निकाय और बोर्ड (University and Colleges: Authorities, Bodies and Boards)
  • शिक्षक, गैर-शिक्षक कर्मचारियों और प्राचार्यों की सेवा शर्तें (Service conditions of teaching, non-teaching staff and Principals)
  • महाविद्यालयों की मान्यता और सम्बद्धता (Recognition and affiliation of colleges)
  • परीक्षा का पैटर्न और संचालन (Pattern and conduct of examination)
  • उच्च शिक्षा में सुशासन – आरटीआई, आईक्यूएसी, रैगिंग निषेध और छात्र संघ चुनाव (Good Governance in Higher Education with special reference to RTI, IQAC, Prohibition of Ragging and Students Union Election)

Unit-5: Acts, Statutes and Ordinances related to Higher Education (उच्च शिक्षा से संबंधित अधिनियम, विधियां और अध्यादेश)

  • यूपी राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 (U.P. State Universities Act, 1973)
  • यूपी उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग अधिनियम और नियमावली (U.P. Higher Education Services Commission Act and Regulations)
  • विश्वविद्यालय परिनियम, अध्यादेश और विनियम (University Statutes, Ordinances and Regulations)
  • शिक्षकों की नियुक्ति और सेवा शर्तों से संबंधित यूजीसी अधिनियम और नियम (UGC Act and Regulations related to appointment and Service Conditions of Teachers)

Unit-6: Financial Management (वित्तीय प्रबंधन)

  • वित्तीय सहायता के स्रोत (Sources of Financial Assistance)
  • महाविद्यालयों में वित्तीय प्रबंधन (Financial Management in Colleges)
  • खातों का संचालन (Operation of Accounts)
  • बजट और लेखा परीक्षा प्रणाली (Budget and Audit System)
  • शैक्षिक प्रशासन से संबंधित वित्तीय हस्तपुस्तिका का ज्ञान (Knowledge of Financial handbook related with educational administration)

Unit-7: Rights and Duties of Principal (प्राचार्य के अधिकार और कर्तव्य)

  • विभिन्न हितधारकों के संदर्भ में प्राचार्य के अधिकार और कर्तव्य (Rights and Duties of Principal with reference to different stakeholders)
  • सुविधाओं और संपत्तियों का विकास और रखरखाव (Development and maintenance of facilities and assets)
  • शैक्षणिक और सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में प्राचार्य की भूमिका (Role of Principal in promoting excellence in academic and co-curricular activities)
  • अनुशासन और व्यवस्था का रखरखाव (Maintenance of discipline and order)

प्राचार्य पद के लिए केवल वही अभ्यर्थी अर्ह माने जाएंगे जिन्होंने परिशिष्ट-2 की तालिका के अनुसार न्यूनतम 110 अनुसंधान प्राप्तांक (Research Score) हासिल किए हैं। लिखित परीक्षा में कोई न्यूनतम क्वालीफाइंग कट-ऑफ पहले से तय नहीं है, लेकिन प्रतिस्पर्धा को देखते हुए अच्छा स्कोर करना जरूरी है।

लिखित परीक्षा कुल 360 अंकों की है और इसमें नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान भी है। इसलिए परीक्षा में सफलता पाने के लिए 260 से 280+ अंकों का लक्ष्य रखना सुरक्षित माना जा सकता है।

इंटरव्यू के 40 अंक और लिखित परीक्षा के अंकों को मिलाकर ही अंतिम मेधा सूची (Merit List) तैयार की जाएगी। इसलिए दोनों चरणों में बेहतर प्रदर्शन करना अत्यंत आवश्यक है।

प्राचार्य चयन परीक्षा के पाठ्यक्रम को पूरा कवर करने के लिए सही पुस्तकों का चयन करना बहुत जरूरी है। नीचे उन प्रमुख पुस्तकों की सूची दी जा रही है जो इस सिलेबस के लिए सबसे उपयोगी मानी जाती हैं:

  • सामान्य ज्ञान व समसामयिक विषय (Part-A):
    • Lucent’s General Knowledge (लूसेंट सामान्य ज्ञान) – बेसिक इतिहास, भूगोल व संविधान के लिए।
    • Arihant Current Affairs Yearly – राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय करंट अफेयर्स के लिए।
    • ICT Concepts: Pearson का UGC NET Paper 1 ICT मॉड्यूल।
  • प्रशासकीय अभिरुचि व उच्च शिक्षा प्रणाली (Part-B):
    • Higher Education System in India: K.V.S. Madaan (Pearson Publication).
    • U.P. State Universities Act & Rules: Youth Competition Times (YCT) या Sahitya Bhawan Publications द्वारा प्रकाशित संदर्भ पुस्तकें।
    • Educational Administration & Management: Dr. S.S. Bhatnagar / R. Lall Book Depot.

Preparation Strategy & FAQ (तैयारी की रणनीति और आम सवाल)

एक प्राचार्य के रूप में प्रशासनिक और शैक्षणिक ज्ञान दोनों का संतुलन होना आवश्यक है। अपनी तैयारी को सही दिशा देने के लिए नीचे दिए गए व्यावहारिक टिप्स अपनाएं:

  • समय का सही विभाजन करें: सिलेबस के Part-B में 80 प्रश्न हैं, इसलिए अपने अध्ययन समय का 70% हिस्सा प्रशासनिक अभिरुचि, यूजीसी नियमों और यूपी विश्वविद्यालय अधिनियमों को दें।
  • शॉर्ट नोट्स तैयार करें: यूपी राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 और यूजीसी के महत्वपूर्ण विनियमों के मुख्य बिंदुओं का संक्षिप्त नोट्स बनाएं ताकि रिवीजन में आसानी हो।
  • नेगेटिव मार्किंग का ध्यान रखें: अभ्यास के दौरान केवल उन्हीं प्रश्नों को हल करने का प्रयास करें जिनमें आप पूरी तरह आश्वस्त हों, क्योंकि गलत उत्तर पर 1/3 अंक कटेगा।

Some Useful Important Links for Download Syllabus

Download SyllabusClick Here
Download NotificationClick Here
Official WebsiteUPESSC Official Website

यह भी पढ़ें: [UPPSC Exam Calendar 2026]

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. UPESSC Principal परीक्षा में कितने प्रश्न पूछे जाएंगे?

लिखित परीक्षा में कुल 120 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें 40 प्रश्न सामान्य ज्ञान से और 80 प्रश्न प्रशासकीय अभिरुचि परीक्षा से होंगे।

Q2. क्या परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग लागू होगी?

जी हां, प्रत्येक सही उत्तर के लिए 3 अंक दिए जाएंगे और प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1 अंक काट लिया जाएगा।

Q3. प्राचार्य पद के लिए न्यूनतम API (Research Score) कितना होना चाहिए?

अभ्यर्थी का यूजीसी मानकों के अनुसार न्यूनतम 110 अनुसंधान प्राप्तांक (Research Score) होना अनिवार्य है।

Q4. लिखित परीक्षा के लिए कितना समय मिलेगा?

लिखित परीक्षा के सभी 120 प्रश्नों को हल करने के लिए कुल 2 घंटे (120 मिनट) का समय दिया जाएगा।

Q5. परीक्षा के लिए अधिकतम आयु सीमा क्या है?

01 जुलाई 2026 को अभ्यर्थी की अधिकतम आयु 62 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

Related Post:-

Leave a Comment