Delhi High Court HJS Recruitment 2026 का ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी हो चुका है, जो उन सभी वकीलों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है जो सीधे जज बनने का सपना देख रहे हैं। अगर आपके पास भी वकालत का अच्छा अनुभव है और आप दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित हाईकोर्ट के तहत अपनी सेवा देना चाहते हैं, तो यह मौका बिल्कुल हाथ से न जाने दें।

दिल्ली हाईकोर्ट ने हायर ज्यूडिशियल सर्विस (HJS) के तहत कुल 27 पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस परीक्षा के जरिए आप सीधे जिला एवं सत्र न्यायाधीश (District & Sessions Judge) के पद पर चयनित हो सकते हैं, जो कानूनी क्षेत्र में सबसे बड़े पदों में से एक माना जाता है।

फॉर्म भरने की प्रक्रिया 01 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है और आप 15 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। समय बहुत कम दिया गया है, इसलिए अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपना आवेदन पूरा कर लेना ही समझदारी है।

Important Dates & Application Fee

फॉर्म भरने से पहले तारीखों और फीस की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है ताकि कोई भी गड़बड़ी न हो। नीचे दी गई टेबल में आप आसानी से सारी तारीखें और फीस की डिटेल्स चेक कर सकते हैं:

Important Dates

EventDate
Online Apply Start Date01 July 2026
Online Apply Last Date15 July 2026
Last Date For Fee Payment15 July 2026
Pre Exam Date26 July 2026
Admit Card Release DateBefore Exam
Result Declared DateWill Be Updated Here Soon

Application Fee

CategoryApplication Fee (in ₹)
General / OBC / EWS₹ 2000/-
SC / ST / PwD₹ 500/-
Payment ModeOnline (Debit Card, Credit Card, Net Banking, UPI)

इस भर्ती में कुल 27 पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। आइए देखते हैं कि किस कैटेगरी के लिए कितनी सीटें रखी गई हैं और उम्र सीमा क्या होनी चाहिए:

Age Limit As On 15 July 2026

CriterionAge Details
Minimum Age35 Years
Maximum Age45 Years
Age RelaxationAs per Delhi High Court HJS Rules

Category Wise Vacancy Details

Post NameGeneralSCSTTotal Posts
Delhi Higher Judicial Service (HJS) Examination 2026175527

एलिजिबिलिटी की बात करें तो उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री (LLB) होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, आवेदन की अंतिम तारीख तक वकील के रूप में कम से कम 7 साल की लगातार प्रैक्टिस का अनुभव होना चाहिए।

हायर ज्यूडिशियल सर्विस में चयन बहुत ही पारदर्शी और तीन कठिन चरणों से होकर गुजरता है। केवल वही उम्मीदवार फाइनल लिस्ट में जगह बना पाते हैं जो तीनों चरणों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं।

सबसे पहले आपको प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam) देनी होगी, जो केवल स्क्रीनिंग टेस्ट होता है ताकि गंभीर उम्मीदवारों को छांटा जा सके। इसके बाद मुख्य परीक्षा (Mains Exam) आयोजित की जाती है, जिसके नंबर आपके फाइनल सिलेक्शन में जोड़े जाते हैं।

मुख्य परीक्षा में पास होने वाले उम्मीदवारों को ही अंतिम चरण यानी मौखिक परीक्षा (Viva-Voce / Interview) के लिए दिल्ली हाईकोर्ट बुलाया जाता है। इंटरव्यू और मेन्स के नंबर मिलाकर ही फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है।

अगर आप पहली बार यह एग्जाम दे रहे हैं, तो इसके पैटर्न को समझना आपके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। प्रीलिम्स परीक्षा पूरी तरह से ऑब्जेक्टिव (MCQ) टाइप की होती है, जिसमें कानून की सामान्य समझ और लीगल जीके से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं।

प्रीलिम्स में नेगेटिव मार्किंग भी लागू होती है, जहां हर गलत जवाब पर 0.25 (1/4) नंबर काट लिए जाते हैं। इसलिए परीक्षा हॉल में तुक्का लगाने से बचें, क्योंकि यह आपको मेरिट लिस्ट से बाहर कर सकता है।

मेन्स परीक्षा डिस्क्रिप्टिव (लिखने वाली) होती है, जिसमें 4 अलग-अलग पेपर होते हैं। इसमें जनरल नॉलेज, सिविल लॉ (Paper-I व II) और क्रिमिनल लॉ (Paper-IV) के विस्तृत सवाल पूछे जाते हैं, जिनमें आपको अपने कानूनी तर्क देने होते हैं।

ऑनलाइन फॉर्म भरते समय अगर कोई जरूरी कागज छूट जाए, तो बाद में बहुत परेशानी होती है। आवेदन शुरू करने से पहले ही नीचे बताए गए सभी डाक्यूमेंट्स को स्कैन करके अपने पास रख लें:

  • आपकी पासपोर्ट साइज की रंगीन फोटो (हाल ही में खींची गई और साफ बैकग्राउंड वाली)।
  • सफेद कागज पर काले पेन से किया हुआ आपका साफ हस्ताक्षर।
  • लॉ (LLB) की डिग्री और सभी सेमेस्टर की मार्कशीट।
  • बार काउंसिल का एनरोलमेंट सर्टिफिकेट (Enrolment Certificate)।
  • 7 साल की वकालत का अनुभव प्रमाण पत्र (Experience Certificate)।
  • जाति प्रमाण पत्र या EWS सर्टिफिकेट (अगर आप रिजर्वेशन का फायदा ले रहे हैं)।
  • कोई भी एक सरकारी पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी।

प्रीवियस कट-ऑफ और सेफ स्कोर

दिल्ली हायर ज्यूडिशियल सर्विस का पेपर अक्सर काफी कठिन और प्रैक्टिकल सवालों से भरा होता है। पिछले कुछ सालों के ट्रेंड को देखें तो प्रीलिम्स परीक्षा में जनरल कैटेगरी के लिए 60% से 65% नंबर लाना सुरक्षित माना जाता है।

अगर पेपर 150 या 200 नंबर का होता है, तो आपका टारगेट हमेशा 65% से ऊपर का ही होना चाहिए। रिजर्व कैटेगरी के छात्रों को कम से कम 55% से 58% स्कोर करने का लक्ष्य रखना चाहिए ताकि मेन्स लिखने का मौका पक्का मिल सके।

हायर ज्यूडिशियल सर्विस (HJS) की नौकरी सिर्फ रुतबे के लिए नहीं, बल्कि बेहतरीन सैलरी और शानदार सरकारी सुविधाओं के लिए भी जानी जाती है। 7वें पे कमीशन (7th CPC) के तहत चयनित उम्मीदवारों को लेवल-13A या नए ज्यूडिशियल पे मैट्रिक्स (J-5) के अनुसार सैलरी दी जाती है।

शुरुआती बेसिक पे ही ₹1,31,100 से लेकर ₹1,44,840 के बीच होती है। जब इसमें महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य सरकारी भत्ते जुड़ते हैं, तो हर महीने हाथ में आने वाली (In-hand Salary) करीब ₹1,60,000 से ₹1,85,000 तक पहुंच जाती है।

सैलरी के अलावा आपको दिल्ली के अच्छे इलाके में सरकारी आवास, गाड़ी के लिए पेट्रोल का खर्च, मुफ्त बिजली-पानी और मेडिकल की पूरी सुविधा मिलती है। इसके साथ ही घर पर काम करने के लिए अर्दली (स्टाफ) भी सरकार की तरफ से दिया जाता है।

पोस्टिंग कहाँ मिलेगी और काम क्या होगा

चूंकि यह परीक्षा सीधे दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा करवाई जाती है, इसलिए आपकी पोस्टिंग हमेशा दिल्ली राज्य के अंदर ही रहेगी। आपको देश के किसी दूसरे राज्य में ट्रांसफर होने की चिंता बिल्कुल नहीं करनी है, जो कि परिवार के हिसाब से बहुत बड़ा फायदा है।

आपका रोजाना का काम कोर्ट रूम में बैठकर दीवानी (Civil) और फौजदारी (Criminal) से जुड़े बड़े और गंभीर मामलों की सुनवाई करना होगा। यह पूरी तरह से एक डेस्क और कोर्टरूम जॉब है, जहां आपको गवाहों को सुनना, सबूतों को परखना और निष्पक्ष फैसले सुनाना होता है।

कंपटीशन और सेफ स्कोर

दिल्ली ज्यूडिशियरी पूरे देश में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली सेवाओं में से एक है, इसलिए यहाँ का कंपटीशन काफी कड़ा होता है। कुल 27 सीटों के लिए देश भर से हजारों अनुभवी वकील फॉर्म भरते हैं।

सीटें कम होने की वजह से एक-एक नंबर पर कई उम्मीदवारों की किस्मत बदल जाती है। अगर आप सच में यह सीट निकालना चाहते हैं, तो प्रीलिम्स में कम से कम 70% नंबर का टारगेट लेकर ही पढ़ाई शुरू करें।

फॉर्म रिजेक्ट होने के 3 बड़े कारण

हर साल बहुत सारे काबिल वकीलों का फॉर्म सिर्फ छोटी-छोटी गलतियों की वजह से रिजेक्ट हो जाता है और वे परीक्षा नहीं दे पाते। आप यह गलती बिल्कुल न करें, इसलिए इन 3 बातों का हमेशा ध्यान रखें:

  1. धुंधली फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करना: अगर आपकी फोटो का बैकग्राउंड साफ नहीं है या हस्ताक्षर पढ़ने में नहीं आ रहा है, तो सिस्टम फॉर्म को तुरंत निरस्त कर देता है।
  2. 7 साल के अनुभव में कमी: कई बार उम्मीदवार आवेदन की अंतिम तारीख (15 जुलाई 2026) तक 7 साल पूरे न होने के बावजूद फॉर्म भर देते हैं, जो बाद में डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन में रिजेक्ट हो जाता है।
  3. गलत जाति प्रमाण पत्र का इस्तेमाल: अगर आपका ओबीसी या ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट केंद्र या दिल्ली सरकार के तय फॉर्मेट में नहीं है, तो भी आपका फॉर्म सीधे रद्द कर दिया जाता है।

ऑनलाइन फॉर्म भरना बहुत ही आसान है, बस आपको हमारे बताए गए इन आसान स्टेप्स को सही से फॉलो करना है:

  • सबसे पहले दिल्ली हाईकोर्ट की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं या नीचे हमारे “Important Links” सेक्शन में दिए गए अप्लाई लिंक पर क्लिक करें।
  • वहां “New Registration” पर क्लिक करके अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी डालकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें।
  • अब आपको अपना लॉगिन आईडी और पासवर्ड मिल जाएगा, जिससे पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • अपनी पर्सनल डिटेल्स, वकालत का अनुभव और शैक्षणिक योग्यता की सारी जानकारी ध्यान से भरें।
  • अपनी फोटो, सिग्नेचर और मांगे गए सभी जरूरी प्रमाण पत्र सही साइज (KB) में अपलोड करें।
  • अंत में अपनी कैटेगरी के हिसाब से ऑनलाइन फीस (₹2000 या ₹500) का भुगतान करें और फॉर्म को फाइनल सबमिट कर दें।
  • भविष्य की जरूरत के लिए भरे हुए फॉर्म की एक प्रिंटआउट कॉपी निकालकर अपने पास जरूर सुरक्षित रख लें।

तैयारी कैसे करें और आम सवाल

इस परीक्षा को निकालने के लिए सिर्फ किताबें पढ़ना काफी नहीं है, बल्कि स्मार्ट स्टडी करना बहुत जरूरी है। दिल्ली हाईकोर्ट के पुराने 5 से 10 साल के प्रश्न पत्र (PYQs) को बार-बार हल करें ताकि आपको सवालों के स्तर का सही अंदाजा हो सके।

नए आपराधिक कानूनों (BNS, BNSS, BSA) को बहुत गहराई से समझें, क्योंकि इस बार सबसे ज्यादा सवाल इन्हीं से पूछे जाएंगे। इसके साथ ही रोजाना कम से कम 2 घंटे मेन्स के लिए आंसर राइटिंग (उत्तर लिखने) की प्रैक्टिस जरूर करें।

SOME USEFUL IMPORTANT LINKS
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Download SyllabusClick Here
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यह भी पढ़ें:[BPS PO MT XVI Recruitment 2026]

Frequently Asked Questions (FAQs)

सवाल 1: क्या दिल्ली के बाहर के वकील भी इस फॉर्म को भर सकते हैं?

जवाब: जी हाँ, भारत के किसी भी राज्य के बार काउंसिल में रजिस्टर्ड वकील इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं।

सवाल 2: क्या इस परीक्षा में बैठने के लिए कोई अधिकतम प्रयास (Attempts) तय हैं?

जवाब: नहीं, जब तक आपकी उम्र 45 साल से कम है और आप बाकी शर्तें पूरी करते हैं, आप कितनी भी बार परीक्षा दे सकते हैं।

सवाल 3: क्या प्रीलिम्स परीक्षा के नंबर फाइनल मेरिट में जोड़े जाते हैं?

जवाब: बिल्कुल नहीं, प्रीलिम्स केवल एक क्वालीफाइंग परीक्षा है और फाइनल मेरिट सिर्फ मेन्स और इंटरव्यू के नंबरों से बनती है।

सवाल 4: क्या सरकारी वकील (APP / Public Prosecutor) भी इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं?

जवाब: जी हाँ, अगर आपके पास वकालत और अभियोजन का मिलाकर 7 साल का अनुभव है, तो आप बिल्कुल आवेदन कर सकते हैं।

सवाल 5: दिल्ली हायर ज्यूडिशियल सर्विस का एग्जाम कितनी भाषाओं में होता है?

जवाब: दिल्ली हाईकोर्ट यह परीक्षा मुख्य रूप से अंग्रेजी भाषा (English Medium) में ही आयोजित करता है।

सवाल 6: क्या फॉर्म भरने के बाद उसमें सुधार (Correction) करने का मौका मिलेगा?

जवाब: नोटिफिकेशन के अनुसार फॉर्म में गलती सुधारने का कोई अलग मौका नहीं दिया जाता, इसलिए पहली बार में ही सब कुछ सही भरें।

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